क्राइम

रेप पीड़िता ने दाती महाराज के कारनामों की खोली पोल ?

शनि को बड़ा हाहाकारी देवता माना जाता है। कहा जाता है कि शनि जिसके पीछे पड़ जाते हैं, उसे उजाड़ देते हैं, उसका कोई नामलेवा नहीं होता। लेकिन वो अपने ही एक इतने बड़े उपासक के पीछे पड़ जाएंगे, इसका अंदाजा शायद ही किसी को था।

जी हां, हम बात कर रहे हैं शनिधाम वाले दाती महाराज का, जो अपने आश्रम में एक बच्ची के साथ कई बार बलात्कार करने का आरोप लगने के बाद भागता फिर रहा है। पुलिस उसकी तलाश में भटक रही है।

इस बीच रेप पीड़िता के वकील के मुताबिक दाती हवस के मामले में आसाराम का पक्का शिष्य था। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया है, उसके मुताबिक 10 साल पहले उसके पिता ने दाती के बालाग्राम आश्रम में भेजा था। इसके बाद दाती ने उसे पाली से दिल्ली के छतरपुर आश्रम बुलाया। आरोपों के मुताबिक दाती ने इसी आश्रम में पहली बार 15 अगस्त 2013 को पहली बार अपनी हवस का शिकार बनाया। उसके बाद उसके दो शिष्यों ने भी दिल्ली आश्रम में कई बार दुष्कर्म किया था।

इतना ही नहीं आरोप तो ये भी है कि मुंह काला करने के बाद तीनों ने राजस्थान आश्रम में जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी तक दी। दो साल तक लड़की सदमे में जीने के बाद पीड़िता ने एक दिन अपने परिवार को अपनी आपबीती बताई।

बताया जा रहा है कि पाली जिले के एक बालआश्रम में करीब 800 बच्चियां रहती हैं। इनमें अधिकतर अनाथ हैं। जिसे दाती ने गोद ले रखा है। कुछ मां-बाप आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बेटियों को हमेशा के लिए छोड़ गए। हालांकि दाती अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार कर रहा है। इतना ही नहीं वो पीड़िता को अपनी बेटी बताने से भी इनकार नहीं कर रहा है। ये भी ठीक वैसे ही है, जैसे आसाराम और राम रहीम जैसे भोगी बाबा अपने बचाव में कह रहे थे।

जाहिर है कुछ दिन पहले तक दाती प्रतिष्ठित और पूज्य बना हुआ था। लेकिन फतेहपुर बेरी के थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक दाती दरअसल खुराफाती है। दुनिया को डर से मुक्त करने का दावा करने वाला दाती अब खुद दुनिया से मुंह छिपाता फिर रहा है।

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