देश

आखिर राम मंदिर को लेकर एक मौलाना क्यों भावुक हुए ?

अयोध्या विवाद की सुलह का फॉर्मूला बताने वाले मौलाना सलमान नदवी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बर्खास्त कर दिया गया। लेकिन पर्सनल बोर्ड से बाहर होने का उनका दर्द उस वक्त छलक उठा, जब वो लखनऊ में छात्रों के बीच फूट-फूटकर रोने लगे।

दरअसल मौलाना सलमान नदवी उस वक्त भावुक हो गए, जब वो लखनऊ के नदवा कॉलेज में सोमवार को छात्रों के सामने तकरीर कर रहे थे। वो छात्रों को बता रहे थे कि आखिर उन्होंने किन शर्तों पर राम मंदिर-मस्जिद विवाद के समझौते के लिए तैयार हुए हैं। बकौल नदवी वे ओवैसी और दूसरे लोगों के आरोपों से दुखी होकर भावुक हो गए। हालांकि नदवी ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ऐसे लोगों ने अल्लाह ही निपटेगा।

आपको बता के सलमान नदवी ने पिछले दिनों अध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर के साथ उस फॉर्मूले पर सहमति जताई थी, जिसमें मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करने और विवादित जगह को राम मंदिर के लिए छोड़ने की सलाह दी गई थी। लेकिन नदवी का ऐसा करना ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को मंजूर नहीं हुआ और उन्हें बिना देर किए पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर कर दिया गया।

हालांकि नदवी की मानें तो उन्होंने खुद बोर्ड से अलग होने का फैसला किया। इतना ही नहीं नदवी अपने रुख पर भी कायम हैं। उन्होंने एक बार फिर कहा कि जब इस्लाम हमें मस्जिद शिफ्ट करने की इजाजत देता है, तो फिर दिक्कत क्यों है। क्या हम लंबे समय तक की शांति के लिए, देश में एकता के लिए ये कदम नहीं उठा सकते। मुझे लगता है कि समाज को बेहतर संदेश देने के लिए ये एक बेहतर विकल्प है और कोर्ट के बाहर समझौता कर हम शांति और एकता बहाल कर सकते हैं। लेकिन ओवैसी ने नदवी पर पीएम मोदी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए उनके सामाजिक बहिष्कार की भी अपील की थी। लेकिन ओवैसी और मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के रुख से नदवी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके, और छात्रों के सामने उनके आंसू छलक उठे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top
Shares