अजब गजब

क्या चलन से बाहर होने वाले हैं 2000 रु. के नोट ?

आखिर क्यों गायब हो रहे हैं 2000 रुपए के नोट ?

मोदी सरकार ने नोटबंदी को ब्लैक मनी के खिलाफ बड़ा हथियार बताया था। लेकिन बीते कुछ दिनों से कई राज्यों में जिस तरह से कैश की किल्लत देखने को मिल रही है। वो कई सवाल खड़े कर रहे हैं। खासकर 2000 रुपए के नोटों की कमी चर्चा का विषय बना हुआ है।

वैसे तो बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से कैश की किल्लत सामने आ रही है। लेकिन मध्य प्रदेश में तो स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके पीछे साजिश की आशंका जाहिर करते हुए जांच की बात कही है। शिवराज के मुताबिक कुछ लोग 2,000 के नोट दबाकर नकदी की कमी पैदा करने की की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर 2-2 हजार के नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है। ये षड्यंत्र है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बैंक शाखाओं और करंसी चेस्ट में भी 2000 रुपये के नोटों की सप्लाई लगातार कम हो रही है। आरबीआई ने नोटबंदी के बाद करीब 7 लाख करोड़ रुपए मूल्य के 2000 रुपये के नोट जारी किए थे। जुलाई में बैंकों में इन नोटों की संख्या करीब 35 फीसद थी, जो नवंबर 2017 तक घटकर 25 फीसद हो गई। बैंकों से जमा नकदी रोजाना औसतन 14 करोड़ से घटकर 4 करोड़ रह गई है। 2000 रुपए के नोट में आई इस गिरावट के बाद इसके बंद होने की आशंका भी जाहिर की जाने लगी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बैंक अधिकारियों के हवाले से कहा जा रहा है कि इस समय RBI की ओर से 2000 के नोट नहीं दिए जा रहे हैं। जिससे अघोषित नोटबंदी का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि कैश की किल्लत को लेकर सरकार और RBI ने तो अपनी सफाई दी है, लेकिन 2000 रुपए के नोट कि किल्लत को लेकर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जिससे ये सवाल उठना लाजिमी है कि क्या नोटबंदी के बाद जारी 2000 के नोटों पर भी कालेधन के कारोबारियों ने कुंडली मार ली है? या रिजर्व बैंक ने ही बड़े नोटों की सप्लाई कम कर दी है? आखिर कहां गायब हो रहे हैं 2000 रुपए के नोट।

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