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लालकृष्ण आडवाणी को 2019 चुनाव क्यों लड़ाना चाहते हैं मोदी ?

बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी करीब 90 साल के हो गए हैं। शायद इसलिए माना जा रहा था कि बतौर सांसद उनकी ये आखिरी पारी होगी। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी आडवाणी को 2019 के लोकसभा चुनाव में भी मैदान में उतारने की प्लानिंग कर रही है।

बांग्ला अखबार आनंद बाजार पत्रिका की एक रिपोर्ट की मानें तो  बीजेपी अपने सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को आगामी लोकसभा चुनाव में उतारने की तैयारी कर रही है। खुद प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि आडवाणी 2019 का चुनाव लड़ें। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इस बाबत लालकृष्ण आडवाणी से दिल्ली में पृथ्वीराज रोड पर स्थित उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी। इतना ही नहीं खबर तो यहां तक है कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी इस प्रस्ताव को लेकर उनसे मुलाकात कर चुके हैं।

हालांकि साल 2014 लोकसभा चुनाव के बाद से बीजेपी ने 75 साल की उम्र के नेताओं को मंत्री पद नहीं देने और किसी नेता को टिकट नहीं देने का एलान किया था। लेकिन 75 साल की उम्र पार कर चुके कर्नाटक बीजेपी के नेता बीएस येदुयुरप्पा को इस बंदिश से ढील दी गई थी। इसका बीजेपी को विधानसभा चुनाव में फायदा भी मिला और बीजेपी कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। बीजेपी अब इसी फॉर्मूले पर काम करना चाह रही है।

आपको बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी ने 2014 का लोकसभा चुनाव गुजरात की गांधीनगर सीट से लड़ा था। इस सीट पर उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की थी। आडवाणी चुनाव तो जीत गए, लेकिन इन दिनों वे पार्टी में हाशिये पर हैं। अब वो पार्टी के संसदीय बोर्ड में भी शामिल नहीं है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो साल 2014 लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई मोदी सरकार 2019 आते-आते अल्पमत में आ गई है। 2014 में उसे 282 सीटें मिली थीं। लेकिन उपचुनावों में हार के चलते उसकी सीटें बहुमत के जादुई आकंड़े 272 से कम हो गई हैं। हालांकि, मोदी सरकार को कोई खतरा नहीं। शायद यही वजह है कि बीजेपी 2019 लोकसभा चुनाव से पहले अपनी रणनीति में काफी बदलाव करने का फैसला किया है।

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