राजनीति

आखिर महबूबा मुफ्ती से नाराज क्यों हुए उनके ही विधायक ?

बीजेपी संग गठबंधन टूटते ही पीडीपी में क्यों पड़ गई फूट ?

जम्मू कश्मीर में बीजेपी के गठबंधन तोड़ने के एलान के बाद महबूबा सरकार गिर गई। लेकिन इसके साथ ही महबूबा मुफ्ती की पार्टी की मुश्कलें भी बढ़ने लगी हैं। एक ओर जहां बीजेपी संग जाने से उससे कई समर्थक छिटक गए, तो अब पीडीपी में भी फूट पड़ती नजर आ रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी यानि पीडीपी के चार विधायकों ने बुधवार को सूबे की तीसरी बड़ी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की है। बताया जा रहा कि ये चारों विधायक महबूबा मुफ्ती से नाराज हैं। खबर के मुताबिक उमर अब्दुल्ला से मुलाकात करने वाले चार विधायकों में अब्दुल हक खान, हसीब द्राबू, माजिद पाडर और चौधरी कमर हैं।

हालांकि उमर अब्दुल्ला ने विधायकों से मिलने की बात को खारिज कर दिया है। अपने एक ट्वीट में उन्होंने इन विधायकों के मिलने की खबर साफ तौर पर इनकार कर दिया है। उमर ने अपने ट्वीट में लिखा है-

मैंने पीडीपी के किसी भी विधायक से मुलाकात नहीं की है।

वैसे भी उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को सरकार गिरते ही राज्याल से मुलाकात के बाद अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। उन्होंने साफ लहजे में कह दिया था कि न तो वे राज्य में सरकार बनाने की कोशिश करेंगे और न ही उनसे किसी पार्टी ने इस बारे में संपर्क किया है। उमर के इस बयान के बाद से ही साफ हो गया था कि राज्य में राज्यपाल शासन लागू होगा। राज्य में चौथी बड़ी पार्टी कांग्रेस ने भी जोड़-तोड़ की सरकार बनाने की बजाए राज्य में फिर से चुनाव कराने की पैरोकारी की थी।

उधर नाम नहीं बताने की शर्त पर पीडीपी के एक नेता ने कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन करने से पार्टी को आने वाले दिनों में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस नेता की मानें तो पीडीपी को दक्षिण कश्मीर में कई समर्थकों से हाथ तक धोना पड़ा है। इतना ही नहीं आने वाले दिनों में पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता भी टूटकर दूसरी पार्टी के साथ जा सकते हैं। जाहिर है अगर ऐसा हुआ तो पीडीपी को आगामी चुनावों में भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

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