क्राइम

आखिर देश में क्यों पैदा हुए नोटबंदी जैसे हालात ?

देश में एक बार फिर नोटबंदी जैसा माहौल पैदा होने लगा है। एक बार फिर एटीएम और बैंकों में नकदी निकालने के लिए लोगों की लाइनें लगने लगी हैं। कैश की किल्लत से सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, गुजरात, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लोग परेशान हैं। हालांकि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने इसकी कई वजहें गिनाई हैं। साथ ही कहा है हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर अचानक हुई कैश की इस किल्लत के पीछे असली वजह क्या है।

नंबर एक- जरूरत से ज्यादा नकदी की निकासी

रिजर्व बैंक के सूत्रों की मानें तो आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक असम, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार आदि राज्यों में लोगों के जरूरत से ज्यादा नकदी की निकासी की, जिससे ये संकट खड़ा हुआ है।

नंबर दो- नोटों की कम आपूर्ति

आरबीआई सूत्रों के मुताबिक नकदी की उपलब्धता में इस तरह के उतार-चढ़ाव होते रहते हैं। जैसे यदि किसी राज्य में डिमांड बढ़ जाती है, तो दूसरे राज्य में आपूर्ति पर थोड़ा अंकुश लगा दिया जाता है। उदाहरण के लिए असम में शनिवार को बिहू त्योहार होने के चलते उसके कुछ दिनों पहले नकदी की निकासी काफी बढ़ गई। जिससे दूसरे कुछ राज्यों में आपूर्ति में कटौती करनी पड़ी।

नंबर तीन- त्योहारी सीजन

सरकारी सूत्रों के मुताबिक कई राज्यों में बैसाखी, बिहू और सौर नव वर्ष जैसे त्योहार होने की वजह से लोगों को ज्यादा नकदी की जरूरत थी। इस वजह से संभव है कि लोगों ने ज्यादा नकदी अपने बैंक खातों से निकाली हो।

नंबर चार- चुनाव 

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव करीब हैं। इस वजह से वहां नकदी की मांग काफी बढ़ गई है। फसल के समय किसानों की ओर से भी नकदी की निकासी बढ़ जाती है।

और नंबर पांच- नये नोट संभाल कर रखने का चलन

नोटबंदी के दौरान 2000 और 500 रुपये के नये नोट के बाद 200 और 50 रुपये के नये नोट जारी किए गए हैं। हालांकि ये नोट मिल तो रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में नहीं। दरअसल जब भी नये नोट आते हैं, तो लोग उन्हें खर्च  करने की बजाय संभाल कर रखने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। 200 और 50 रुपये के नये नोटों के साथ भी यही हो रहा है।

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