राजनीति

…तो क्या बहुमत साबित करने में कामयाब हो जाएंगे येदियुरप्पा ?

येदियुरप्पा के किस दावे से कांग्रेस-जेडीएस में मचा है हड़कंप ?

कर्नाटक की राजनीति में बदलते घटनाक्रम के बीच सीएम येदुरप्पा शनिवार शाम चार बजे ‘फ्लोर टेस्ट’ का सामना करेंगे। लेकिन उससे पहले उनके बहुमत साबित करने दावे से विपक्षी खेमे में हड़कंप मचा हुआ है। येदियुरप्पा के दावे के बाद कांग्रेस और जेडीएस अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं।

दरअसल बीजेपी के 104 विधायक हैं और उसे अपनी सरकार बचाने के लिए आठ सीटों की दरकार है। बीजेपी को भरोसा है कि वो कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को अपने पाले में करने में सफल रहेगी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही येदियुरप्पा ने मीडिया के सामने कहा कि वो कोर्ट के आदेश का पालन करते हैं। येदियुरप्पा ने ये भी कहा है कि वो शनिवार को बहुमत साबित करके रहेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी बहुमत साबित करने का दावा किया है।

इस बीच सूत्रों की मानें तो विपक्षी खेमे के करीब 12 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। जिसमें से आठ कांग्रेस, दो जेडीएस और दो अन्य के विधायक शामिल हैं। ऐेसे में बीजेपी के 104 विधायकों में 12 विधायकों को जोड़ दिया जाए, तो बीजेपी के पास 116 सीटें हो जाएंगी, जो बहुमत के आंकड़े 112 से चार ज्यादा हैं। जाहिर है अगर बीजेपी के दावे में दम है और 12 विधायक बीजेपी के पाले में आ जाते हैं, तो येदियुरप्पा मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने में सफल रहेंगे।

अब आपको सीटों के खेल को आंकड़ों में बताते हैं। जेडीएस नेता और विपक्ष के सीएम पद के चेहरे कुमारस्वामी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है। उन्हें एक सीट छोड़ना होगा। ऐसी स्थिति में सदन में विधायकों की संख्या 222 से घटकर 221 हो जाएगी। तब बहुमत के लिए 111 सीटों की जरूरत होगी। बीजेपी के पास कर्नाटक में 104 सीटें हैं।  अगर जेडीएस और कांग्रेस के 10 विधायक वोटिंग से गायब रहते हैं, तो बहुमत साबित करने के लिए 106 सीटों की ही जरूरत होगी। अब अगर दो निर्दलीय विधायक बीजेपी के पक्ष में वोट करते हैं, तो बीजेपी 106 सीट का जादुई आंकड़ा पाने में सफल हो जाएगी। लेकिन बीजेपी के दावों की असली परीक्षा को विधानसभा में ही होगी।

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