क्राइम

असीमानंद को बरी करने वाले जज ने क्यों दिया इस्तीफा ?

जज के रवींद्र रेड्डी के इस्तीफे की असली वजह क्या है ?

2007 के हैदराबाद मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में 11 साल बाद NIA कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने पर्याप्त सबूत ना होने पर असीमानंद समेत सभी पांच आरोपियों को बरी कर दिया। लेकिन इस मामले में फैसला सुनाने वाले जज के. रवींद्र रेड्डी ने फैसला सुनाने के महज कुछ ही देर बाद ही अपने पद से भी इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद तमाम तरह के अटकलों का दौर भी शुरू हो गया है।

दरअसल मक्का मस्जिद मामले में फैसला सुनाने के बाद जज के. रवींद्र रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा देकर हर किसी को चौंका दिया। वो इस्तीफा देने के बाद छुट्टी पर चले गए हैं। हालांकि जज साहब ने अपने इस्तीफे के पीछे निजी कारणों को बताया है, लेकिन उन्होंने जिस तरह इस्तीफा दिया, उसके बाद लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया।

लेकिन इस पूरे मामले में अब एक और चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि हैदराबाद बंजारा हिल्स के निवासी कृष्णा रेड्डी ने हैदराबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने जज रवींद्र रेड्डी के खिलाफ एक शिकायत की थी। आरोपों के मुताबिक जज रेड्डी ने जल्दबाजी में जमीन कब्जे के मामले में एक आरोपी को बेल दी थी। याचिकाकर्ता ने इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे।

जज रेड्डी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद हैदराबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने उनके खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे, जो फिलहाल जारी है। ऐसे में जज रेड्डी के इस्तीफे को इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।

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